छत पर सब्ज़ियाँ उगाएं

छत पर सब्ज़ियाँ उगाएं

छत पर सब्ज़ियाँ उगाना बागवानी करने के समान हैं | बागवानी से शारीरिक व मानसिक तौर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आर्थिक लाभ भी हो सकता हैं | शहरों में जगह की कमी होती है और पेड़- पौधे लगाने लिए जगह उपलब्ध नहीं होती | बालकॉनी और छत सब्ज़ियों के पौधे लगाने के लिए उपयुक्त जगह हैं |

छत पर बनाये गए सब्जी बगीचे में रासायनिक उवर्रक/कीटनाशक के बदले आर्गेनिक/जैविक उर्वरक और कीटनाशक का प्रयोग कर सकते हैं |

जब हम छत पर सब्ज़ियाँ उगाने का सोचते हैं तो कुछ प्रमुख प्रश्न मन मैं आते हैं :

1. क्या क्या सब्ज़ियां और फल उगाये जा सकते हैं ?

सब्ज़ियों में टमाटर, लौकी, तुरई, भिंडी, बीन्स, गाजर, मूली, हरी पत्तेदार : पालक, धनिया, मेथी हैं | बैंगन, कद्दू, पत्ता/ फूल गोभी, शिमला मिर्च आदि भी उगाये जा सकते हैं |

धनिया, पुदीना, तुलसी, अदरक, हरे प्याज़ भी छोटे बैग्स मैं उगाये जा सकते हैं |

2. सब्जियाँ उगाने के लिए पात्र

छत पर सब्ज़ियाँ उगाने के लिए आजकल ग्रो बैग्स उपलब्ध हैं इन्हें गमलों की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है |पुनर्चक्रण मायने से आप PVC पाइप के टुकड़े, पुराने टायर, टाइल्स, घी / तेल के टिन के डब्बे इत्यादि भी गमले के तरह उपयोग मैं ले सकते हैं |

3. मिट्टी कैसे तैयार की जाए ?

मिट्टी तैयार करने लिए हमें बग़ीचे की मिट्टी, नदी की रेत और गोबर की खाद का एक उपजाऊ मिश्रण बनाना होता है | कीटनाशक के तौर पर इस मिश्रण में हम नीम का तेल भी डाल सकते हैं| गोबर की खाद की जगह वर्मीकम्पोस्ट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है |

आर्गेनिक उपजाऊ मिश्रण : उचित नाप से निर्मित पौधे उगाने के लिए एक मिश्रण हैं जिसे मिट्टी की जगह उपयोग किया जा सकता हैं |

4. बीज : बीज खरीदने का खर्चा एक बार का हैं |फिर जब भी फल सब्जी आएं उनको पकने दें आपको अगली बार बोने के लिए बीज खुद-ब -खुद मिल जाएंगे

5. पानी देने के लिए आप ड्रिप इरीगेशन संयंत्र लगा सकते हैं इससे पानी की बचत होती है और पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता हैं |

सब्जी बगीचा एक स्वास्थ्यप्रद एवम लाभप्रद तरीका है | इसके द्वारा हम रासायनिक कीटनाशक, और उर्वरक मुक्त फल सब्जियों का सेवन कर सकते है |

छत पर सब्जी बगीचा होने से गर्मियों मैं छत ठंडी रहती है जिससे ए.सी. कूलर का प्रयोग काम करना पड़ता हैं | ऊर्जा की बचत होने से आर्थिक लाभ भी होता है |